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Sunday, June 18, 2017

दोस्तों परिवार है तो जीवन मे हर खुशी

*" संस्कार "*

एक पार्क मे दो बुजुर्ग बैठे बातें कर रहे थे....

पहला :- मेरी एक पोती है, शादी के लायक है... BE किया है, नौकरी करती है, कद - 5"2 इंच है.. सुंदर है
कोई लडका नजर मे हो तो बताइएगा..

दूसरा :- आपकी पोती को किस तरह का परिवार चाहिए...??

पहला :- कुछ खास नही.. बस लडका ME /M.TECH किया हो, अपना घर हो, कार हो, घर मे एसी हो, अपने बाग बगीचा हो, अच्छा job, अच्छी सैलरी, कोई लाख रू. तक हो...

दूसरा :- और कुछ...

पहला :- हाँ सबसे जरूरी बात.. अकेला होना चाहिए..
मां-बाप,भाई-बहन नही होने चाहिए..
वो कया है लडाई झगड़े होते है...

दूसरे बुजुर्ग की आँखें भर आई फिर आँसू पोछते हुए बोला - मेरे एक दोस्त का पोता है उसके भाई-बहन नही है, मां बाप एक दुर्घटना मे चल बसे, अच्छी नौकरी है, डेढ़ लाख सैलरी है, गाड़ी है बंगला है, नौकर-चाकर है..

पहला :- तो करवाओ ना रिश्ता पक्का..

दूसरा :- मगर उस लड़के की भी यही शर्त है की लडकी के भी मां-बाप,भाई-बहन या कोई रिश्तेदार ना हो...
कहते कहते उनका गला भर आया..
फिर बोले :- अगर आपका परिवार आत्महत्या कर ले तो बात बन सकती है.. आपकी पोती की शादी उससे हो जाएगी और वो बहुत सुखी रहेगी....

पहला :- ये कया बकवास है, हमारा परिवार क्यों करे आत्महत्या.. कल को उसकी खुशियों मे, दुख मे कौन उसके साथ व उसके पास होगा...

दूसरा :- वाह मेरे दोस्त, खुद का परिवार, परिवार है और दूसरे का कुछ नही... मेरे दोस्त अपने बच्चो को परिवार का महत्व समझाओ, घर के बडे ,घर के छोटे सभी अपनो के लिए जरूरी होते है... वरना इंसान खुशियों का और गम का महत्व ही भूल जाएगा, जिंदगी नीरस बन जाएगी...

पहले वाले बुजुर्ग बेहद शर्मिंदगी के कारण कुछ नही बोल पाए...

*दोस्तों परिवार है तो जीवन मे हर खुशी, खुशी लगती है अगर परिवार नही तो किससे अपनी खुशियाँ और गम बांटोगे...*

Saturday, June 3, 2017

*सगाई से पहले और शादी के बाद की कहानी जानने के लिए पढो।*

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*सगाई से पहले*

*लड़का :* शुक्र है भगवान् का इस दिन का तो मैं कब से इंतज़ार कर रहा था।
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*लड़की :* तो मैं जाऊं ?
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*लड़का :* नहीं बिल्कुल नहीं।
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*लड़की :* क्या तुम मुझ से प्यार करते हो ?
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*लड़का :* हाँ करता था, करता हूँ और करता रहूँगा।
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*लड़की :* कभी मेरे साथ धोखा करोगे ?
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*लड़का :* नहीं इस से अच्छा तो मैं मर जाऊं।
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*लड़की :* क्या मुझे प्यार करोगे।
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*लड़का :* हाँ-हाँ क्यों नहीं।
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*लड़की :* तुम मुझे मlरोगे ?
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*लड़का :* नहीं मैं ऐसा आदमी नहीं।
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*लड़की :* क्या मैं तुम पर विश्वास कर सकती हूँ ?
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*लड़का :* हाँ।
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*लड़की :* ओह प्रिये।
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*और शादी के बाद की कहानी जानने के लिए इसे नीचे से ऊपर पढो।*

Wednesday, May 31, 2017

दोनों की सुलह हो गयी और दोनों चले गए।

कानपुर  का मशहूर बाजार है.. माल रोड

शाम के 5 बजे बाजार भीड़ से भरा हुआ था। इसी भीड़ में पति-पत्नी एक दूसरे से लड़ने में व्यस्त थे और लगभग 200  लोग उनके इस तमाशे का मज़ा ले रहे थे।

बात कुछ यूँ थी कि पत्नी जिद कर रही थी अपने पति से कि आज आप कार खरीद ही लीजीये मैं थक गई हूं आपकी मोटर साइकिल पर बैठ बैठ कर। 

पति ने कहा....... ओए पागल औरत तमाशा ना बना मेरा दुनिया के सामने।  मोटर साइकिल की चाभी मुझे दे।

पत्नी- नहीं, तुम्हारे पास इतना पैसा है । आज कार लोगे तो ही घर जाऊंगी।

पति-"अच्छा तो ले लूँगा अब चाभी दो"

पत्नी - नहीं दूंगी।

पति- "अच्छा ना दो मैं ताला ही तोड़ देता हूँ"

पत्नी ने कहा.... तोड़ दो लेकिन ना चाभी मिलेगी ना में साथ जाऊँगी ।

पति - "अच्छा तो ये ले मैं ताला तोड़ने लगा हूँ जाओ तुम्हारी मर्ज़ी मेरे घर ना आना"

पत्नी - जाओ जाओ नहीं आती तुम जैसे कंजूस के घर।

पति ने लोगों की मदद से मोटरसाइकिल का ताला खोल लिया,  अपनी बाइक पर बैठ गया और बोला, "तुम आती हो या मैं जाऊँ"

वहाँ खड़े लोगों ने पत्नी को समझाया -  चली जाओ इतनी सी बात पर अपना घर न खराब करो।

फिर पत्नी ने पति से वादा लिया कि वह बाइक बेचकर जल्द ही कार लेगा। दोनों की सुलह हो गयी और दोनों चले गए।

अच्छी कहानी है न ,

लेकिन अभी ख़त्म नहीं हुई है

तो जनाब.........

ठीक आधे घंटे बाद उसी जगह  पर फिर से भीड़ लगी थी।

एक बंदा शोर कर रहा था........

कोई मेरी मोटरसाइकिल दिन दहाडे़ चुरा कर ले गया।

Tuesday, May 23, 2017

*जीना इसी का नाम है.......*

शमशान मे एक समाधी पर अपना बस्ता फेक एक बच्चा समाधी के पास बैठ कर शिकायत करने लगा।

उठो ना पापा, टीचर ने कहा है कि फ़ीस लेकर आना नही तो अपने पापा को लेकर आना !!

ये सुनकर पासवाली समाधी पर, एक आदमी फ़ोन पर किसी फूलवाले से हज़ारो रुपयों की फूलों की चादर लेने के लिए बात करते-करते कुछ सोचकर फ़ोन पर बोला कि ऑर्डर कैंसल कर दो; नही चाहिए भाई। फूल इधर ही मिल गए है।

उसने वो पैसे बच्चे के हाथ मे रख कर बोला...बेटा ये लो तुम्हारे पापा ने भेजे है। कल स्कूल जाना.

*जीना इसी का नाम है......*
     

Friday, May 19, 2017

भयंकर translation

भयंकर translation

```"संतोष आम खाता हैं"```

अंग्रेज़ी में  translate किया:

```"Satisfaction is a General Account"```

इस अनमोल मानव जीवन का हम सही इस्तेमाल करें

एक राजा का जन्म दिन था । सुबह जब वह घूमने निकला तो उसने तय किया कि वह रास्ते में मिलने वाले सबसे पहले व्यक्ति को आज पूरी तरह से खुश व सन्तुष्ट करेगा ।

  उसे एक भिखारी मिला । भिखारी ने राजा सें भीख मांगी तो राजा ने भिखारी की तरफ एक तांबे का सिक्का उछाल दिया । सिक्का भिखारी के हाथ सें छूट कर नाली में जा गिरा । भिखारी नाली में हाथ डालकर तांबे का सिक्का ढूंढने लगा ।

  राजा ने उसे बुलाकर दूसरा तांबे का सिक्का दे दिया । भिखारी ने खुश होकर वह सिक्का अपनी जेब में रख लिया और वापिस जाकर नाली में गिरा सिक्का ढूंढने लगा ।

  राजा को लगा कि भिखारी बहुत गरीब है । उसने भिखारी को फिर बुलाया और चांदी का एक सिक्का दिया । भिखारी ने राजा की जय-जयकार करते हुये चांदी का सिक्का रख लिया और फिर नाली में तांबे वाला सिक्का ढूंढने लगा ।

  राजा ने उसे फिर बुलाया और अब भिखारी को एक सोने का सिक्का दिया । भिखारी खुशी से झूम उठा और वापिस भागकर अपना हाथ नाली की तरफ बढाने लगा ।

  राजा को बहुत बुरा लगा । उसे खुद से तय की गयी बात याद आ गयी कि "पहले मिलने वाले व्यक्ति को आज खुश एवं सन्तुष्ट करना है ।" उसने भिखारी को फिर से बुलाया और कहा कि मैं तुम्हें अपना आधा राज-पाट देता हूँ । अब तो खुश व सन्तुष्ट हो जाओ ।

  भिखारी बोला - "सरकार ! मैं तो खुश और संतुष्ट तभी हो सकूँगा, जब नाली में गिरा हुआ तांबे का सिक्का भी मुझे मिल जायेगा ।"

  हमारा हाल भी उस भिखारी जैसा ही है ।
हमें परमात्मा ने मानव रुपी अनमोल खजाना दिया है और हम उसे भूलकर संसार रुपी नाली में तांबे के सिक्के निकालने के लिए जीवन गंवाते जा रहे हैं ।
इस अनमोल मानव जीवन का हम सही इस्तेमाल करें, हमारा जीवन धन्य हो जायेगा ।

Monday, May 15, 2017

व्याकरण में विराम चिह्नों का इस्तेमाल क्या गुल खिला सकता है।

पत्नी का पत्र!

             गांव में एक स्त्री थी ।
वह आपने पति को पत्र लिखना
चाहती थी, पर अल्प शिक्षित
होने के कारण उसे यह पता नहीं
था कि पूर्णविराम (Full Stop) कहां लगेगा

इसीलिये उसका जहां मन करता था वहीं पूर्णविराम लगा देती थी ।
तो एक बार उसने अपने पति को कुछ इस प्रकार चिठ्ठी लिखी:

देखिए पूर्ण विराम का आतंक:-

               मेरे प्यारे जीवनसाथी मेरा प्रणाम आपके चरणो मे।

                   आप ने अभी तक चिट्टी नहीं लिखी मेरी सहेली को ।   नौकरी मिल गयी है हमारी गाय को ।  बछडा दिया है दादाजी ने ।  शराब की लत लगाली है मैने ।  तुमको बहुत खत लिखे पर तुम नहीं आये कुत्ते के बच्चे ।  भेड़िया खा गया दो महीने का राशन ।   छुट्टी पर आते समय ले आना एक खूबसूरत औरत ।  मेरी सहेली बन गई है ।  और इस समय टीवी पर गाना गा रही है हमारी बकरी ।  बेच दी गयी है तुम्हारी मां ।   तुमको बहुत याद कर रही है एक पडोसन ।   हमें बहुत तंग करती है।

तुम्हारी चंदा ।
परिणाम:-
व्याकरण में विराम चिह्नों का इस्तेमाल क्या गुल खिला सकता है।